Cervical Pain: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और तेजी से बदलती लाइफस्टाइल में सर्वाइकल एक आम बीमारी बन चुकी है. हर दूसरा व्यक्ति सर्वाइकल के दर्द से पीड़ित है. इसका दर्द इतना खतरनाक होता है कि एक सेकेंड भी सुकून से रहना भारी है. सर्वाइकल के दर्द को केवल वही लोग समझ सकते हैं जो इस बीमारी से पीड़ित हैं. इसका दर्द इतना खतरनाक होता है कि ना तो आप ढंग से बैठ पाते हैं और न ही अच्छे से लेट पाते हैं. इसलिए चाहें आप ऑफिस में हों या घर में, छोटी-छोटी लापरवाही की वजह से आप भी इसका शिकार हो सकते हैं. सर्वाइकल क्या होता है?साधारण भाषा में सर्वाइकल का मतलब गर्दन और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या से होता है. हमारी रीढ़ की हड्डी का ऊपरी हिस्सा, जिसमें 7 हड्डियां (C1 से C7) होती हैं, उसे सर्वाइकल स्पाइन कहा जाता है. जब इस हिस्से में दर्द, अकड़न, नस पर दबाव या डिस्क से जुड़ी समस्या होती है, तो लोग इसे सर्वाइकल की समस्या कहते हैं.यह भी पढ़े: World Emoji Day 2026: चैटिंग में दिन-रात इमोजी का इस्तेमाल, क्या 'इमोजी चैटिंग' से बढ़ रही स्ट्रेस?सर्वाइकल कैसे होता है?सर्वाइकल की समस्या तब होती है, जब गर्दन की रीढ़ की हड्डियों, डिस्क या नसों पर दबाव पड़ने लगता है. इसकी वजह से गर्दन में दर्द, अकड़न और कई बार कंधे व हाथ तक दर्द फैल सकता है, जिनसे व्यक्ति को बहुत दिक्कत होती है.सर्वाइकल होने के मुख्य कारण:ज्यादा देर तक लैपटॉप के सामने झुक कर काम करना.ज्यादा देर तक गर्दन नीची करके फोन का इस्तेमाल करना.एक ही पोजीशन में घंटो बैठे रहना.भारी वजन उठाने से अचानक गर्दन पर जोर पड़ना.सर्वाइकल का इलाज क्या है?सर्वाइकल का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या कितनी ज्यादा है. अगर शुरुआत में ही ध्यान दिया जाए तो आराम मिलना संभव है, नहीं तो इस बीमारी में ऑपरेशन की संभावना आ जाती है. जानकारी के लिए बता दें की डॉक्टर की सलाह से दर्द और सूजन कम करने वाली दवा ली जा सकती है, साथ ही फिजियोथेरेपी कराने से गर्दन की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और दर्द कम होता है.यह भी पढ़े: Interrupted Urination: रुक-रुककर हो रहा है पेशाब? कहीं इस चीज का खतरा तो नहीं