मुस्लिम पक्ष का कहना है कि कोर्ट ने भोजशाला परिसर के पास नमाज की जमीन देने की बात कही थी। हालांकि, प्रशासन उन्हें दो किलोमीटर दूर नमाज पढ़ने की जगह दे रहा है। वहीं, प्रशासन के अनुसार पास में कोई जगह उपलब्ध नहीं है।