सऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए अब तक पूरी तरह से अमेरिका पर निर्भर रहता था. सऊदी अपनी सुरक्षा में ईरान को एक बड़ी चिंता के तौर पर देखता है लेकिन इस बार जब तेहरान से हमले हुए तो अमेरिका भी नहीं रोक पाया.