उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ा झटका लगा है। बिजली कंपनियों ने नियामक आयोग के नियमों को ताक पर रखते हुए लाखों गरीब उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली के दायरे से बाहर कर दिया है।