हर साल सावन के दिनों और सोमवार की संख्या को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग जानकारियां सामने आती हैं। इसका मुख्य कारण भारत में प्रचलित दो भिन्न पंचांग प्रणालियां हैं।