बदली न्याय व्यवस्था को बीते दो साल, पर वकीलों को याद नहीं हो पा रहीं नई धाराएं

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कानूनी दिग्गजों की जुबान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की नई धाराएं चढ़ नहीं पा रही हैं। हालात ये हैं कि कोर्ट में बात आसानी से समझ आ सके, इसलिए याचिकाओं और परिवादों (शिकायत) में नई धारा लिखने के ठीक बगल में कोष्ठक यानी ब्रैकेट ( ) बनाकर पुरानी धारा का पता भी लिखना पड़ रहा है।