कोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म का अपराध तभी बनेगा, जब यह साबित हो कि आरोपित की शुरुआत से ही शादी का झूठा वादा कर शारीरिक शोषण करने की मंशा थी। जांच और डीएनए रिपोर्ट में सामने आया कि युवती तीन माह की गर्भवती थी तथा गर्भस्थ शिशु का जैविक पिता आरोपित था।