कभी माओवादियों के गढ़ रहे छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में नारायणपुर जिले के भाटपाल गांव स्थित करीब 15 साल पुराने सुरक्षा कैंप को आदिवासी छात्रों के हॉस्टल में बदल दिया गया है। यहां प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक एसटी बालक छात्रावास संचालित हो रहे हैं।