पाकिस्तान के कराची में ठग नौकरी का झांसा देकर कम से कम 60 लड़कियों के मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। ठगों ने सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए उन्हें एक कार्यक्रम में स्टॉल संभालने का काम दिया था। 30 सितंबर को सभी को कराची के बाहर एक फार्महाउस ले जाया गया, जहां कंपनी पॉलिसी का हवाला देकर उनके मोबाइल जमा करा लिए गए। कुछ देर बाद ठग मोबाइल से भरा बैग लेकर बाइक से भाग निकले। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि मुख्य आरोपी अब भी फरार है। उसके दो भाइयों को पुलिस थाने लाई है, जबकि एक महिला साथी को भी हिरासत में लिया गया है। रोज 2 हजार पाकिस्तानी रुपए देने का वादा स्थानीय पुलिसकर्मी मुहम्मद अली ने बताया कि सभी लड़कियां नौकरी की तलाश में थीं और मिडिल-क्लास परिवारों से आती हैं। उन्हें एक हफ्ते तक काम करने के लिए रोजाना 2,000 पाकिस्तानी रुपए और दूसरी सुविधाएं देने का वादा किया गया था। उन्हें बताया गया था कि कराची के बाहर एक गेटेड कम्युनिटी में कार्यक्रम होगा, जहां उन्हें स्टॉल लगाने हैं। कार्यक्रम की जगह फार्महाउस ले गए 30 सितंबर को लड़कियों को बहरिया टाउन ले जाने के बजाय कराची के बाहरी इलाके में स्थित एक फार्महाउस ले जाया गया। इससे कुछ लड़कियां घबरा गईं। एक पीड़िता ने बताया कि मुख्य आरोपी और उसका साथी सामान्य तरीके से पेश आए। उन्होंने कहा कि फार्महाउस में महिला कोऑर्डिनेटर से मुलाकात होगी और दोपहर के खाने के बाद सभी को बहरिया टाउन ले जाकर स्टॉल लगाने हैं। इसके बाद मुख्य आरोपी ने कंपनी पॉलिसी का हवाला देकर सभी लड़कियों के मोबाइल जमा करा लिए। उसने कहा कि काम खत्म होने के बाद फोन वापस कर दिए जाएंगे। मुख्य आरोपी गुजरांवाला में छिपा मुहम्मद अली ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन लेकर फरार होने का ऐसा मामला उन्होंने पहली बार देखा है। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कराची से भागकर गुजरांवाला चला गया है। उसके दो भाइयों को थाने लाया गया है। दोनों ने फोन पर उससे बात कर पुलिस के सामने सरेंडर करने के लिए कहा है। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. पाकिस्तान का ड्रोन हमलों से बचने के लिए सस्ता तरीका:सेना-पुलिस के ठिकानों पर मछली पकड़ने वाला जाल लगा रहे, दावा- इसमें ड्रोन फंसकर फट जाएंगे पाकिस्तान में ड्रोन हमलों से बचने के लिए पुलिस और सेना अब मछली पकड़ने वाले जाल का इस्तेमाल कर रही है। अल जजीरा के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के संवेदनशील इलाकों में पुलिस चौकियों और सुरक्षा ठिकानों के ऊपर कई मीटर की ऊंचाई पर ये जाल लगाए जा रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…