मोदी कैबिनेट में पंजाब से बन सकते हैं दो मंत्री:मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा; राघव चड्ढा का नाम लगभग तय, 3 और नेता लाइन में

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रवनीत सिंह बिट्टू के केंद्र की मोदी सरकार से बाहर होने के बाद से ही केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पंजाब का कोई प्रतिनिधित्व नहीं बचा है। वहीं, हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को किसी भी राज्य से राज्यसभा उम्मीदवार न बनाए जाने पर उनकी मंत्रिमंडल से छुट्‌टी तय मानी जा रही है। इसी बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की सुगबुगाहट फिर से बढ़ने लगी है। पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए BJP शीर्ष नेतृत्व राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए नए चेहरों को केंद्र में शामिल करने का मन बना रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, BJP रणनीति के तहत पंजाब से एक नहीं, बल्कि दो नेताओं को मोदी कैबिनेट में जगह देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इन संभावित नामों में सबसे आगे आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम चल रहा है। राघव चड्‌ढा के अलावा पूर्व पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, पद्मश्री कारोबारी विक्रमजीत सिंह साहनी और मनोनीत राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू की दावेदारी भी मजबूती से उभरी है। पंजाब से किन नेताओं का नाम है केंद्रीय मंत्री के लिए चर्चा में, जानिए 1. राघव चड्ढा: आक्रामक युवा चेहरा और पंजाब चुनाव रणनीति के धुरी वर्तमान में राघव चड्‌ढा पंजाब से BJP के राज्यसभा सांसद हैं। उनका कार्यकाल 2028 तक है। राघव चड्‌ढा को मंत्री बनाकर भाजपा दिल्ली और पंजाब दोनों राज्यों को साध सकती है। चड्‌ढा दिल्ली के पूर्व विधायक, AAP के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता और 2022 में पंजाब से राज्यसभा पहुंचे। अप्रैल 2026 में AAP के 6 अन्य सांसदों के साथ BJP में शामिल हुए। राघव चड्ढा पहले से ही राज्यसभा सांसद हैं, इसलिए उन्हें मंत्री बनाने में कोई संवैधानिक तकनीकी अड़चन नहीं है। राघव चड्‌ढा 2027 पंजाब चुनाव का प्रमुख चेहरा बन सकते हैं। AAP छोड़कर आए सांसदों में चड्ढा सबसे चर्चित चेहरा हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पंजाब दौरे के दौरान रणनीति बैठकों में उनकी मौजूदगी ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी उन्हें पंजाब में एक मुख्य रणनीतिकार और आक्रामक चेहरे के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है। राघव चड्ढा की छवि एक पढ़े-लिखे, प्रोफेशनल युवा नेता की है, जिससे BJP को पंजाब के शहरी और शिक्षित युवाओं के बीच पैठ बनाने में मदद मिलेगी। 2. सुनील जाखड़: लंबे राजनीतिक अनुभव वाले बड़े नेता सुनील जाखड़ वर्तमान में न तो राज्यसभा सदस्य हैं और न ही लोकसभा के। पार्टी सुनील जाखड़ को इलेक्शन से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में एडजस्ट कर सकती है। जाखड़ 3 बार विधायक, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, गुरदासपुर से सांसद और पंजाब BJP अध्यक्ष रह चुके हैं। पंजाब के पारंपरिक हिंदू वोट बैंक को सहेजने के लिए सुनील जाखड़ पार्टी में सबसे अनुभवी और सर्वस्वीकार्य चेहरा हैं। हाल ही में जालंधर दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के साथ जाखड़ की बंद कमरे में हुई विशेष मुलाकात ने उनके मंत्री बनने की चर्चाओं को और तेज कर दिया है। कांग्रेस से BJP में आए जाखड़ के पास पंजाब के प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दों की जमीनी समझ है, जो 2027 के चुनाव में पार्टी के काम आ सकती है। उनके मंत्री बनने में सबसे बड़ी अड़चन यह है कि वर्तमान में सांसद न होने के कारण मंत्री बनने पर उन्हें 6 महीने के भीतर संसद के किसी सदन की सदस्यता हासिल करना अनिवार्य होगा। 3. विक्रमजीत सिंह साहनी: अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला सिख-कारोबारी चेहरा विक्रमजीत सिंह साहनी पंजाब से BJP के राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है। साहनी प्रमुख उद्योगपति, सन फाउंडेशन के चेयरमैन, पद्मश्री से सम्मानित और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह अप्रैल 2026 में AAP से BJP में शामिल हुए। साहनी का अंतरराष्ट्रीय सिख समुदाय, व्यापारिक संगठनों और चैरिटेबल ट्रस्टों में व्यापक प्रभाव है। पार्टी सिख चेहरे के तौर पर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। अगस्त 2026 में BJP के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष के पंजाब दौरे के दौरान पूर्व AAP सांसदों में से साहनी सबसे प्रमुखता से नजर आए थे। इसके बाद पंजाब चुनाव प्रभारी सीआर पाटिल के साथ उनकी दिल्ली में रणनीति बैठक भी हो चुकी है। साहनी लगातार पंजाब के आर्थिक, औद्योगिक और प्रवासी पंजाबियों के मुद्दों को उठाते रहे हैं, जिससे वह केंद्र और पंजाब के बीच ब्रिज की भूमिका निभा सकते हैं। 4. सतनाम सिंह संधू: शिक्षाविद और गृह मंत्री से नजदीकियां सतनाम सिंह संधू मनोनीत राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2030 तक है। संधू प्रसिद्ध शिक्षाविद, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के संस्थापक और इंडियन माइनॉरिटी फाउंडेशन (IMF) के प्रमुख हैं। संधू का केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर गृह मंत्री अमित शाह के साथ गहरा जुड़ाव है। मार्च 2026 में उन्होंने पंजाब के किसानों, उद्योग, बाढ़ और नशे से जुड़े 17 प्रमुख मुद्दों पर अमित शाह को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। राज्यसभा में 92% उपस्थिति, 115 बहसों में हिस्सा और 225 सवाल पूछकर उन्होंने खुद को एक सक्रिय और अध्ययनशील सांसद साबित किया है। IMF के माध्यम से वह सिख समुदाय और धार्मिक संस्थाओं के बीच BJP का सकारात्मक पक्ष रखने में लगातार प्रयासरत रहे हैं। हाल के दिनों में वह पूरे पंजाब में सक्रिय हैं और लोगों की समस्याओं को केंद्र सरकार के माध्यम से हल करवा रहे हैं। गुजरात प्रभारी बनने से तरुण चुघ की दावेदारी कमजोर हुई रवनीत सिंह बिट्टू के मोदी सरकार से बाहर होने के बाद पंजाब से नए केंद्रीय मंत्री की तलाश के बीच BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ का नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में था। हालांकि, अगस्त 2026 में हुए BJP के संगठनात्मक फेरबदल के बाद पंजाब से उनकी मंत्रिपद की दावेदारी काफी कमजोर मानी जा रही है। पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने तरुण चुघ को एक बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपते हुए गुजरात का नया चुनाव/प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। गुजरात को BJP का सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है और वहां संगठन को संभालना बेहद जिम्मेदारी भरा काम है। चुघ पहले से ही राष्ट्रीय महासचिव के रूप में महत्वपूर्ण राज्यों का जिम्मा संभालते रहे हैं।