राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और देहरादून के वन विशेषज्ञ ग्वालियर-चंबल संभाग के वन अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसका उद्देश्य चीतों की निगरानी, उनके अनुकूल आवास की पहचान और दूसरे जिलों में पहुंचने पर उनके प्रबंधन की व्यवस्था विकसित करना है।