अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले- हमलावर पायलट मुसीबत था:मालूम होने पर भी प्लेन क्यों उड़ाने दिया; ओमान बोला- किसी देश ने हमामी की जानकारी नहीं मांगी

Wait 5 sec.

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को कहा कि फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हमामी को पहले से मुसीबत माना जाता था। इसके बावजूद उसे पैसेंजर विमान उड़ाने की अनुमति कैसे मिली, यह सवाल उठता है। हमामी पर 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने और विमान को क्रैश कराने का आरोप है। वहीं ओमान ने कहा कि किसी दूसरे देश ने हमामी की बैकग्राउंड जांच के लिए उससे जानकारी नहीं मांगी थी। ओमान के मुताबिक, अगर किसी देश ने मांगी होती तो वह हमामी के कट्टरपंथी होने से जुड़ी उपलब्ध जानकारी जरूर साझा करता। ओमान ने हमामी पर पहले ही जांच की थी जेडी वेंस के मुताबिक, ओमान के अधिकारियों ने पहले हमामी के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी। उसे उड़ान ड्यूटी से भी हटाया गया था, लेकिन बाद में फ्लाईदुबई ने उसे यात्री उड़ानों की जिम्मेदारी दे दी। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान ने 29 साल के हमामी की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की थी। उसकी कट्टरपंथी विचारधारा में रुचि को लेकर चिंता जताई गई थी। 2024 में उसे इसी वजह से ओमान की सरकारी एयरलाइन की पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। बाद में उसे दूसरी जिम्मेदारी दे दी गई। करीब 8 महीने पहले वह फ्लाईदुबई से जुड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान ने अपनी जांच की जानकारी दूसरी एजेंसियों या एयरलाइंस को नहीं दी। फरवरी में जब फ्लाईदुबई ने हमामी को नौकरी दी, तब उसने उसकी पिछली नौकरी और रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए ओमान से संपर्क नहीं किया। वेंस बोले- ईरान कनेक्शन का सबूत नहीं फ्लाईदुबई की घटना में ईरान की भूमिका के सवाल पर वेंस ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं मिला है, जिससे ईरान का कनेक्शन साबित हो। उन्होंने कहा. ईरान की भूमिका को लेकर मैं अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की बात पर भरोसा करूंगा। किसी आधिकारिक ऐलान से पहले मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता। इसकी जांच चल रही है, लेकिन अभी तक मुझे ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। तेल अवीव की फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली, इसकी जांच जारी ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में जांच का एक अहम सवाल यह है कि हमामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट की ड्यूटी कैसे मिली। सीएनएन के मुताबिक, इजराइल की शिन बेट, मोसाद, सेना और ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री समेत कई एजेंसियां इस पहलू की जांच कर रही हैं। वे यह पता लगा रही हैं कि पहले उठी चिंताओं के बावजूद हमामी फ्लाइट क्रू का हिस्सा कैसे बना। घटना के बाद हमामी को सऊदी अरब से UAE भेज दिया गया, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े मामले की जांच चल रही है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…