Japanese Cleaning Habits: क्यों हमेशा चमकते हैं जापानी घर? नोट करें 5 आसान सीक्रेट्स

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How Japanese Keep House Clean Everyday: जापान का नाम आते ही वहां की साफ-सफाई का जिक्र अक्सर होने लगता है. पहली बार जापान जाने वाले लोगों को वहां की सड़कों और सार्वजनिक जगहों की सफाई देखकर हैरानी होती है. खास बात यह है कि कई जगहों पर कूड़ेदान कम नजर आते हैं, फिर भी लोग अपना कचरा इधर-उधर नहीं फेंकते. आखिर जापान में घर और आसपास की जगहें इतनी साफ कैसे रहती हैं? इसका जवाब किसी एक क्लीनिंग प्रोडक्ट में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की उन आदतों में छिपा है जो लोग बचपन से सीखते हैं.बचपन से ही सफाई की आदतजापान में बच्चों को छोटी उम्र से ही अपनी जगह साफ रखने की आदत सिखाई जाती है. स्कूलों में सफाई सिर्फ सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं होती. बच्चों के रोज के शेड्यूल में भी सफाई का समय शामिल रहता है. वे क्लासरूम, गलियारों, सीढ़ियों और टॉयलेट तक साफ करते हैं. इस आदत का असर सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं रहता. बच्चे धीरे-धीरे यह समझने लगते हैं कि जिस जगह का इस्तेमाल करते हैं, उसे साफ रखना भी उनकी जिम्मेदारी है. यही सोच आगे चलकर घर और आसपास की जगहों तक पहुंचती है.घर में घुसने से पहले जूते उतारनाजापानी घरों की साफ-सफाई में एक छोटी लेकिन बेहद अहम आदत है, घर के अंदर बाहर के जूते न पहनना. घर के प्रवेश पर एक अलग जगह होती है, जहां लोग अपने जूते उतारते हैं. इससे सड़क की धूल और गंदगी घर के फर्श तक पहुंचने से काफी हद तक रुक जाती है. यही आदत वहां स्कूलों में भी देखने को मिलती है. छात्र स्कूल पहुंचकर अपने जूते लॉकर में रखते हैं और अंदर पहनने के लिए अलग जूते इस्तेमाल करते हैं. घर पर भी बाहर से आने वाले लोगों से जूते उतारने की उम्मीद की जाती है.टॉयलेट के लिए अलग चप्पलजापानी घरों में कई जगह टॉयलेट के लिए अलग चप्पल रखने की आदत भी मिलती है. इन चप्पलों का इस्तेमाल सिर्फ बाथरूम या टॉयलेट में किया जाता है और इन्हें घर के दूसरे हिस्सों में नहीं पहना जाता. इस तरह बाथरूम की गंदगी और कीटाणुओं को घर के बाकी हिस्सों में ले जाने की संभावना कम होती है. यह तरीका बेहद आसान है और इसे किसी भी घर में अपनाया जा सकता है.बड़ी सफाई का इंतजार नहींजापानी सफाई की एक और खास आदत है कि गंदगी को बहुत ज्यादा जमा होने का इंतजार नहीं किया जाता. छोटी-छोटी चीजें रोज ही निपटा दी जाती हैं. जैसे चाय बनते समय किचन काउंटर पोंछ देना या ब्रश करने के बाद सिंक को तुरंत सुखा देना. ये काम मुश्किल नहीं होते और इनमें ज्यादा समय भी नहीं लगता. लेकिन रोज ऐसा करने से गंदगी की बड़ी परत नहीं बनती और बाद में घंटों सफाई करने की जरूरत कम हो जाती है.घर में कम सामान, तो सफाई भी आसानजापानी घरों की साफ-सफाई में कम सामान रखने की सोच भी मदद करती है. जिस घर में टेबल, शेल्फ और फर्श पर जरूरत से ज्यादा चीजें नहीं होंगी, वहां धूल साफ करना भी आसान होगा.  कम सामान का मतलब है कम जगहों पर धूल जमा होना और सफाई के दौरान कम चीजें हटाना.रोज घर में ताजी हवा आने देनाघर को साफ रखने के साथ हवा का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है. जापान में रोज खिड़कियां खोलकर घर की बासी हवा बाहर निकालने की आदत का भी जिक्र मिलता है. ठंड के मौसम में भी कुछ समय के लिए खिड़कियां खोली जाती हैं. बिस्तर और दूसरी चीजों को धूप में रखने की आदत भी घर को ताजा रखने में मदद करती है. यह तरीका खासकर ऐसे मौसम में उपयोगी हो सकता है, जब घर में नमी और सीलन ज्यादा महसूस होती है.महंगे क्लीनर की जरूरत नहींहर सफाई के लिए अलग और महंगे क्लीनिंग प्रोडक्ट खरीदना जरूरी नहीं माना जाता. सोर्स में जापानी घरों में बेकिंग सोडा, सिरका और सामान्य गर्म पानी जैसे बेसिक सामानों के इस्तेमाल का भी जिक्र है. हालांकि किसी भी क्लीनिंग प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह संबंधित सतह के लिए सुरक्षित है या नहीं. खासकर अलग-अलग केमिकल्स को आपस में मिलाने से बचना चाहिए.इसे भी पढ़ें : Kitchen Tips: सब्जी काटते-काटते खराब हो गई चाकू, घर में ही ऐसे करें धारदारबच्चों को अपनी जगह साफ करने देंजापान में स्कूल की सफाई से बच्चों को यह सीख मिलती है कि अपनी जगह साफ रखना किसी और की जिम्मेदारी नहीं है. बच्चे रोज अपनी क्लास और आसपास की जगहों की सफाई करते हैं. यही आदत घर तक भी पहुंचती है. घर में बच्चों को अपना स्टडी टेबल साफ करने, जूते सही जगह रखने और अपनी चीजें व्यवस्थित करने की आदत डालना इसी सोच का छोटा हिस्सा हो सकता है. जब सफाई रोज की दिनचर्या बन जाती है तो वह किसी बड़ी परेशानी या वीकेंड के भारी काम जैसी महसूस नहीं होती.इसे भी पढ़ें : Wooden Table Cleaning: क्या फीकी पड़ गई है लकड़ी की मेज? बिना पॉलिश ऐसे चमकाएं