अमेरिकी संसद में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव पारित:आतंकी हमले को नाकाम करने की तारीफ की; भारतीय पायलट को बहादुर बताया

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अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में प्रस्ताव पास किया है। इसे दोनों पार्टियों ने समर्थन दिया है। इसमें 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान कैप्टन मच्छर की बहादुरी की तारीफ की गई है। प्रस्ताव में इस घटना को आतंकी हमला बताया गया है। हमलावर ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को पकड़ने में मदद करने वाले यात्रियों की भी सराहना की गई है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन मच्छर पर हमला हुआ और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को पकड़ लिया। विमान को सऊदी अरब के ताबुक ले जाया गया, जहां कैप्टन मच्छर का इलाज किया गया। कैप्टन मच्छर को बचाने 45 मिनट तक जुटा रहा डेंटिस्ट हमले के बाद फ्लाइट में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसेव ने कैप्टन स्मित मच्छर को करीब 45 मिनट तक संभाला। चीखने की आवाज सुनकर मुसेव कॉकपिट पहुंचे थे। वहां कैप्टन फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे। उन्होंने तुरंत खून रोकने की कोशिश शुरू की और कैप्टन को होश में रखने के लिए लगातार उनसे बात करते रहे। मुसेव ने बताया कि कैप्टन के सिर और बाएं हाथ पर गहरे घाव थे। उन्होंने टी-शर्ट से घाव दबाए, लेकिन खून नहीं रुका। इसके बाद उन्होंने क्रू से बर्फ मंगाई। करीब 45 मिनट तक वह घावों पर दबाव बनाते रहे और बर्फ लगाते रहे। उनका कहना है कि जब भी वह टी-शर्ट हटाकर घाव देखते, खून फिर तेज बहने लगता था। होश में रखने के लिए पूछा- कितने बच्चे हैं कैप्टन को होश में रखने के लिए मुसेव उनसे लगातार बात करते रहे। उन्होंने पूछा, “आपके कितने बच्चे हैं, उनके नाम क्या हैं?” वह कैप्टन को भरोसा दिलाते रहे कि जल्द परिवार के पास पहुंच जाएंगे। कैप्टन ने अपना नाम और उम्र बताई। उन्होंने कहा कि वह दुबई में रहते हैं और भारत से हैं। दर्द में उन्होंने कहा, “मेरी मदद कीजिए। मैं जीना चाहता हूं, यहां मरना नहीं चाहता।” मुसेव के मुताबिक, एक समय कैप्टन की नब्ज बहुत धीमी हो गई। उन्होंने उनके पैर ऊपर किए तो नब्ज फिर चलने लगी। जब कैप्टन के होंठ नीले पड़ गए, तो मुसेव ने क्रू से कहा कि विमान को जल्द उतारना होगा। कैप्टन ने दर्द की दवा मांगी, लेकिन मुसेव ने देने से मना कर दिया। उनका कहना था कि कैप्टन का काफी खून बह रहा था, इसलिए उन्हें हिलाने या दवा देने से खून और बह सकता था। को-पायलट ने इमरजेंसी के लिए रखे कुल्हाड़ी को हथियार बनाया UAE सरकार ने 3 अक्टूबर को बताया कि को-पायलट हमामी ने कैप्टन मच्छर पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। इससे पहले विमान में मौजूद यात्रियों की शुरुआती जानकारी में चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई थी। विमान में इमरजेंसी के लिए एक खास कुल्हाड़ी रखी जाती है, जिसे ‘क्रैश एक्स’ कहते हैं। इसका इस्तेमाल आग लगने पर किसी पैनल को काटकर अंदर तक पहुंचने, फंसे लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाने या जरूरत पड़ने पर विमान के किसी हिस्से को काटने या खोलने के लिए किया जाता है। यात्रियों ने हेडफोन की तार से हमलावर को बांधा मुसेव ने कैप्टन को संभालने के साथ यात्रियों की हमलावर को पकड़ने में भी मदद की। यात्रियों ने हेडफोन की तार से उसके हाथ-पैर बांध दिए। वह छूटने की कोशिश करता रहा, तो यात्रियों ने उसे और कसकर बांध दिया। इसके बाद वह शांत हो गया। हमले के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक ले जाया गया। वहां कैप्टन मच्छर का इलाज हुआ। बाद में उन्हें UAE ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन:हमला होते ही कंट्रोल संभाला; यात्रियों को डर था- विमान हाईजैक कर ईरान न ले जाएं दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने भारतीय को-पायलट पर हमला किया तो विमान तेजी से नीचे जाने लगा। घायल कैप्टन स्मित मच्छर ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला। पूरी खबर यहां पढ़ें…