ऐसे में हर भुगतान का हिसाब रखना केवल अच्छी आदत नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। खासकर आयकर रिटर्न भरते समय व्यवस्थित रिकॉर्ड होने से अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।