नई कार्यकारिणी के सामने मिशन 2028 और 2029 की बड़ी चुनौती है। क्षेत्रीय व जातीय संतुलन के साथ युवा चेहरों और सक्रिय संगठनकर्ताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई जा रही है।