वंदे मातरम को लेकर कई आलोचकों का तर्क रहा है कि यह भारत की विविधता और बहुलता का जश्न मनाने वाले राष्ट्रगान की जगह 'वंदे मातरम्' के सभी छह पदों को प्रमुखता देने की कोशिश हो रही है.