प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य है, लेकिन क्षेत्र में किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। ऐसे में समय पर ई-अटेंडेंस दर्ज करना मुश्किल हो जाता है।