'कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026' राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बन गया है। इससे आम जनता और छोटे व्यापारियों के मन में सवाल उठने लगा है कि क्या अब उन्हें हर यूपीआई लेनदेन पर शुल्क देना होगा?