बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का पहला मेडल पक्का, बेटियों ने बढ़ाया देश का मान

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बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का पहला मेडल पक्का हो गया है. महिला डबल्स के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने 69 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में चीन की जोड़ी को 16-21, 21-15, 21-13 से हरा दिया. बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में सेमीफाइनल में पहुंचने से ब्रॉन्ज मेडल पक्का हो जाता है.महिला सिंगल्स में पीवी सिंधू और उन्नति हुड्डा, वहीं पुरुष सिंगल्स में लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी पहले ही बाहर हो चुके हैं. सिंगल्स में भारत की चुनौती समाप्त हो चुकी है, लेकिन महिला डबल्स में गायत्री और ट्रीसा ने अब तक शानदार खेल दिखाया है. मिक्स्ड डबल्स में भी भारतीय चुनौती समाप्त हो चुकी है, लेकिन पुरुष डबल्स में सात्विक साईराज रेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी से एक और पदक की उम्मीद बंधी हुई है.भारत का मेडल पक्काक्वार्टरफाइनल मुकाबले में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भिड़ंत चीन की जिया यी फान और झांग शू जियान से हुई. पहले सेट में गायत्री और ट्रीसा बुरी तरह पिछड़ गई थीं. दोनों ने लड़ाई जरूर लड़ी, लेकिन वापसी नहीं कर पाईं, इसलिए पहला सेट 16-21 से हार गई थीं. दूसरे सेट में भी जद्दोजहद देखने को मिली, लेकिन इस बार स्मैश का भारतीय जोड़ी ने सही ढंग से इस्तेमाल किया और सेट 21-15 से अपने नाम किया.2 सेट के बाद मुकाबला एक-एक से बराबरी पर था. आखिरी सेट में चीन की जोड़ी टिक ही नहीं पाई और भारत के लिए गायत्री और ट्रीसा ने आखिरी सेट भी 21-13 के अंतर से जीत लिया. जिया यी फान और झांग शू जियान को इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में चौथी सीड मिली थी, इसलिए भारत के लिए यह जीत बहुत ऐतिहासिक भी है.यह भी पढ़ें: बल्लेबाज या गेंदबाज, कोलंबो में किसका साथ देगी पिच? गॉल में स्पिनरों ने मचाया था भौकालमहिला डबल्स में भारत को आखिरी बार वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल 2011 में मिला था. उस समय अश्विनी पोनप्पा और ज्वाला गट्टा ने लंदन में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था.रेड्डी और शेट्टी से भी उम्मीदवर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत को अब सात्विकसाइराज रेड्डी और चिराग शेट्टी से ही पदक उम्मीद बची है. शेट्टी और रेड्डी को इस टूर्नामेंट में पांचवीं सीड मिली थी और क्वार्टरफाइनल में उनका सामना तीसरी सीड चीन प्राप्त चीन के लियांग वेई केंग और वांग चांग की जोड़ी से होगा. सात्विक और चिराग, इससे पहले 2022 टोक्यो और 2025 पेरिस वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेंस डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं.यह भी पढ़ें:टेस्ट में रनों की सबसे बड़ी हार, जानें किसके नाम है ये शर्मनाक रिकॉर्ड?