टेस्ट क्रिकेट में बड़ी जीत किसी टीम के लिए गर्व का पल होती है, क्योंकि 5 दिन की जद्दोजहद के बाद आई जीत किसी वनडे या टी20 से ज्यादा सुखद होती है. लेकिन इसके उलट रनों के बड़े अंतर से मिली हार लंबे समय तक याद रहती है. क्रिकेट इतिहास में ऐसी कई मुकाबले हुए हैं, जहां एक टीम ने दूसरी टीम को बेहद बड़े अंतर से शिकस्त दी. लेकिन टेस्ट क्रिकेट में रनों के अंतर से सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम दर्ज है.675 रन से हारी थी ऑस्ट्रेलियाटेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार ऑस्ट्रेलिया को 1928-29 एशेज सीरीज के दौरान मिली थी. इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 675 रनों के विशाल अंतर से हराया था. यह आज भी टेस्ट इतिहास में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत है. इंग्लैंड ने उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के सामने 742 रनों का लक्ष्य रखा था. ऑस्ट्रेलियाई टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए बुरी तरह लड़खड़ा गई और मुकाबला 675 रनों से गंवा बैठी. इस रिकॉर्ड को करीब एक सदी बीत जाने के बाद भी कोई टीम नहीं तोड़ पाई है.ऑस्ट्रेलिया ने भी दर्ज की है बड़ी जीतदिलचस्प बात यह है कि सबसे बड़ी जीत के रिकॉर्ड में इंग्लैंड के बाद ऑस्ट्रेलिया का नाम आता है. 1934 के एशेज में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 562 रनों से हराया था. यह टेस्ट क्रिकेट में रनों के अंतर से दूसरी सबसे बड़ी जीत है. उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 701 रन बनाए थे. डॉन ब्रैडमैन ने 244 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि बिल पोंसफोर्ड ने 266 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया ने मैच पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और इंग्लैंड को 145 रन पर समेटकर ऐतिहासिक जीत हासिल की. यह भी पढ़ें- पाकिस्तान को घटिया टीम बताने पर बवाल, पूर्व क्रिकेटर ने किया पलटवारभारत की सबसे बड़ी हार कितने रन से?भारत की टेस्ट इतिहास में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार इंग्लैंड के खिलाफ 2024 में राजकोट में आई थी, जब भारतीय टीम को 434 रनों से हार का सामना करना पड़ा था. यह भारत की टेस्ट क्रिकेट में रनों के अंतर से सबसे बड़ी हार है. कुल मिलाकर टेस्ट क्रिकेट में रनों के अंतर से सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम है, जबकि सबसे बड़ी हार झेलने वाली टीम ऑस्ट्रेलिया है. यह भी पढ़ें- बांग्लादेश प्रीमियर लीग हुई बंद! BCB के अचानक फैसले से सब हैरान