किसानों को खाद उपलब्धता की जानकारी भी पारदर्शी तरीके से दिखाई जाएगी। मांग अधिक होने पर टोकन की संख्या बढ़ाने और मोबाइल पर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।