बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा एमएसडब्ल्यू की एक छात्रा के हाथ पर मिले निशानों को नकल मानकर उसका पूरा सेकंड सेमेस्टर रद्द कर दिया गया था। इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सजा की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि केवल निशान की मौजूदगी और उसके वास्तविक इस्तेमाल में अंतर है, और विश्वविद्यालय को इस पर विचार करना चाहिए।