धार्मिक मान्यता में यह पर्व केवल नाग आराधना नहीं, बल्कि प्रकृति और जीव-जगत के प्रति सम्मान का भी संदेश देता है। नाग पंचमी पर भगवान शिव के गले में विराजमान नाग को शिव-तत्व से जोड़कर नाग देवता की पूजा की जाती है।