पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदें धूमिल होने से भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे और छठे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक ब्याज दरें निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं। जानें वैश्विक बाजारों का हाल।