भाजपा सरकार के खिलाफ केजरीवाल का बड़ा हमला:कहा- E20 पेट्रोल को एक्सपर्ट्स के विरोध के बावजूद थोप रही मोदी सरकार

Wait 5 sec.

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 ईंधन नीति पर करारा हमला बोला है। केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को देश का बड़ा घोटाला करार देते हुए सवाल उठाया है कि आम उपभोक्ताओं और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के तीखे विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे देश पर लागू करने के लिए इतने बेताब क्यों हैं। केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर के पोस्ट को री-ट्वीट करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि यह एक पूरा घोटाला है, क्योंकि लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उपभोक्ताओं और विशेषज्ञों द्वारा इतनी मुखरता से आलोचना किए जाने के बावजूद मोदी जी भारत पर E20 थौपने के लिए इतने बेताब क्यों हैं। उपभोक्ताओं को जानकारी दिए बिना फैसला थौप रही सरकार केजरीवाल ने जिस पोस्ट को शेयर किया, उसमें कहा गया था कि E20 नीति से जुड़े जोखिमों, अतिरिक्त लागतों और अनिश्चितताओं के बारे में ग्राहकों को पहले से जागरूक नहीं किया गया और उन पर यह फैसला जबरन थोपा जा रहा है। माइलेज और गाड़ियों के इंजन को नुकसान का दावा पोस्ट में केजरीवाल ने कहा कि हाल ही के दिनों में कई ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और वाहन चालकों ने शिकायत दर्ज की है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से पुरानी गाड़ियों का माइलेज गिर रहा है और उनके इंजन के पुर्जों को नुकसान पहुंच रहा है। पारदर्शिता पर उठाए सवाल केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश का वाहन चालक और विशेषज्ञ इसके नुकसान को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं, तब भी सरकार इसे लागू करने के लिए इतनी जल्दबाज़ी क्यों दिखा रही है। E20 ईंधन नीति सरकार का तर्क केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने (E20) का लक्ष्य तय किया है। सरकार का तर्क है कि इससे भारत की विदेशी तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचेगा। हालांकि, विपक्षी दल और वाहन मालिक इसे गाड़ियों की लाइफ और उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ बता रहे हैं।