यह अभियान फिल्म शिक्षकों, किसानों, नर्सों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों और उन आम बदलाव लाने वालों को सम्मानित करती है, जिनका काम चुपचाप देश के निर्माण में योगदान देता है।