भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर जाकर जम्मू-कश्मीर को लेकर जो कहा, उसे भारतीय मीडिया और सत्ताधारी बीजेपी ने अप्रूवल के रूप में लिया. वाक़ई गोर के बयान पर ख़ुश होना चाहिए?