दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के कायाकल्प और इसके तटीय क्षेत्रों के विकास के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गुजरात के प्रसिद्ध 'साबरमती रिवरफ्रंट' की तर्ज पर अब दिल्ली में भी यमुना बैंक को भव्य और आधुनिक रूप में विकसित किया जाएगा। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को इस महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया। जल मंत्री इस समय सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (IFC) और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अधिकारियों के साथ गुजरात दौरे पर हैं। जल मंत्री ने बताया कि 25-30 साल पहले साबरमती नदी के सामने जो चुनौतियां थीं, आज वैसी ही स्थिति यमुना की है। गुजरात मॉडल का बारीकी से अध्ययन कर दिल्ली की भौगोलिक और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार इसे लागू किया जाएगा। यमुना किनारे बड़े और खूबसूरत पार्क, वॉकिंग व साइकिल ट्रैक और खेल के मैदान विकसित किए जाएंगे। जानिए यमुना री-डेवलपमेंट प्लान की 3 बड़ी बातें धोबी घाटों का आधुनिकीकरण: साबरमती मॉडल की तर्ज पर यमुना किनारे मौजूद पारंपरिक धोबी घाटों को शिफ्ट कर वहां आधुनिक 'मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री मशीनें' लगाने पर विचार किया जा रहा है। 60 करोड़ का भव्य छठ घाट: दिल्ली सरकार कालिंदी कुंज के पास 60 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल और सर्वसुविधायुक्त छठ घाट का निर्माण करवा रही है। सीवेज और डेयरी वेस्ट पर एक्शन: नदी में गिरने वाले अनट्रीटेड सीवेज के अंतर (Gap) को खत्म करने और डेयरी वेस्ट के ट्रीटमेंट के लिए कई प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।