यह मुंह के स्थानीय इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है जिससे कोशिकाएं खुद को स्वस्थ नहीं रख पातीं। गुटखा, खैनी, पान मसाला और सिगरेट, स्वाद के चंद मिनट के लिए ली गई ये आदत धीरे-धीरे मुंह के कैंसर की शक्ल ले लेती है। तंबाकू में अनेक घातक रसायन होते हैं।