फिलहाल दुनिया में खूब सारा टेस्ट क्रिकेट खेला जा रहा है. भारतीय टीम भी इस समय श्रीलंका दौरे पर है, जहां उसने पहला टेस्ट 165 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिहाज से टीम इंडिया के लिए यह जीत बहुत जरूरी थी. WTC की टेबल में टीम इंडिया अब भी पांचवें स्थान पर है, लेकिन उसका पॉइंट्स परसेंट लंबी छलांग मारते हुए 53 से भी ऊपर चला गया है.बांग्लादेश से हारकर आ रही ऑस्ट्रेलिया टॉप पर विराजमान है, लेकिन उसका पॉइंट्स परसेंट धड़ाम से नीचे आ गिरा है. दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है, जबकि न्यूजीलैंड और बांग्लादेश क्रमशः तीसरे और चौथी पोजीशन पर हैं. भारत का पॉइंट्स परसेंट 53.33 हो गया है.भारत के फाइनल का समीकरणWTC 2025-27 चक्र में भारतीय टीम के अभी 8 टेस्ट मैच बचे हुए हैं. ये मैच उसे श्रीलंका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने हैं. इन 8 मुकाबलों में उसे कम से कम 7 मुकाबले जीतने की जरूरत है. अगर टीम इंडिया अगले 8 मुकाबलों में सात जीत दर्ज लार लेती है, तो उसका पॉइंट्स परसेंट (PCT) 68.51 पर पहुंच जाएगा. वहीं टीम इंडिया अगले सभी 8 मुकाबले जीत लेती है तो उसका पीसीटी 74.07 हो जाएगा.यह भी पढ़ें: वर्ल्ड चैंपियनशिप में पीवी सिंधू की धमाकेदार जीत, 34 मिनट में विरोधी हुआ पस्तवर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सुरक्षित क्वालीफिकेशन का कोई मानदंड नहीं है, बल्कि टीम इंडिया का फाइनल में जाना दूसरी टीमों पर भी निर्भर करेगा. आमतौर पर 70 से अधिक पीसीटी होने पर टीमें फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लेती हैं. मगर 2023 और 2025 का फाइनल खेलने वाली टीम 70 से कम पीसीटी पर भी क्वालीफाई कर गई थीं. वहीं भारत ने 58.8 पीसीटी के साथ 2023 का फाइनल खेला था. इसलिए फाइनल क्वालीफिकेशन का कोई सुरक्षित मानदंड नहीं है. भारत का फाइनल में जाने का रास्ता दूसरी टीमों के मैचों के परिणाम से होकर गुजरता है.श्रीलंका के बाद किससे खेलेगी टीम इंडिया?श्रीलंका के साथ भारतीय टीम का एक और टेस्ट मैच होना है, जो कोलंबो में खेला जाएगा. उसके बाद अक्टूबर-नवंबर के समय टीम इंडिया न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी, जहां दोनों टीमों के बीच 2 टेस्ट मैच खेले जाएंगे. ज्ञात रहे कि जब न्यूजीलैंड नवंबर 2024 में भारत दौरे पर आया था, तब उसने टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया था.अगर भारतीय टीम किसी तरह श्रीलंका और न्यूजीलैंड की चुनौती को पार कर लेती है, तो अगले साल जनवरी-फरवरी के समय ऑस्ट्रेलिया उसके सामने चुनौती बनकर खड़ा होगा. जनवरी-फरवरी महीने में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 टेस्ट मैच खेले जाएंगे.यह भी पढ़ें:दूसरे टेस्ट से बाहर होंगे कुलदीप यादव! इस 33 साल के खिलाड़ी को मिलेगा मौका