सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच के खौफ कर्मचरियों पर इतना छाया हुआ हैं कि तहसील कार्यालय में कर्मचारियों का भारी अकाल पड़ गया है। स्थिति को संभालते हुए कलेक्टर के निर्देश पर तहसील कार्यालय को चार नए लिपिक मिल गए हैं।