फिट रहने के लिए रोज 10 हजार कदम चलने की सलाह दी जाती है। दिलचस्प बात यह है कि यह आंकड़ा किसी मेडिकल गाइडलाइन से तय नहीं हुआ है। इसकी शुरुआत 1964 के टोक्यो ओलिंपिक के बाद जापान में हुई। उस समय एक कंपनी ने ‘मैनपो-केई’ (Manpo-kei) नाम का पेडोमीटर लॉन्च किया था। जापानी भाषा में इसका मतलब है, ‘10 हजार कदम गिनने वाला मीटर।’ लोगों को ज्यादा चलने के लिए प्रेरित करने के मकसद से 10 हजार कदम का यह टारगेट तय किया गया था। धीरे-धीरे यह दुनियाभर में फिटनेस का पॉपुलर गोल बन गया है। हालांकि, बारिश के मौसम में इस टारगेट को पूरा करना आसान नहीं होता। दरअसल, लगातार बारिश, जलभराव और फिसलन के कारण बाहर वॉक करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में डेली फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है और 10 हजार स्टेप्स का टारगेट भी पूरा नहीं हो पाता। ऐसे में सवाल ये है कि घर के भीतर ही इस टारगेट को कैसे पूरा करें। आज 'जरूरत की खबर' में इसी विषय पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- मानसून में लोगों की फिजिकल एक्टिविटी क्यों कम हो जाती है? जवाब- लगातार बारिश, जलभराव और फिसलन की वजह से इस दौरान लोग बाहर कम निकलते हैं। साथ ही वॉक, रनिंग और दूसरी आउटडोर एक्टिविटीज भी कम करते हैं। इससे रोज की फिजिकल एक्टिविटी और स्टेप्स दोनों कम हो जाते हैं। सवाल- अगर बारिश के कारण 2-3 दिन वॉक मिस हो जाए तो कितना नुकसान होता है? जवाब- इससे आमतौर पर कोई बड़ा नुकसान नहीं होता। लेकिन इस दौरान शरीर कम एक्टिव रहता है। खाने के बाद लंबे समय तक बैठे रहने से वजन बढ़ सकता है। अगर ब्रेक हफ्तों बना रहे तो परेशानी बढ़ सकती है। सवाल- क्या बारिश में घर में भी डेली वर्कआउट टारगेट पूरा कर सकते हैं? जवाब- हां, फिट रहने के लिए सिर्फ बाहर वॉक करना जरूरी नहीं है। घर में वॉक, योग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या दूसरी हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करके भी डेली वर्कआउट टारगेट पूरा किया जा सकता है। सवाल- अगर डेली 10 हजार स्टेप्स चलने का टारगेट है तो उसे घर में कैसे पूरा करें? जवाब- अगर पूरे दिन रेगुलर चलते-फिरते रहें तो घर के अंदर भी 10 हजार स्टेप्स आसानी से पूरा कर सकते हैं। ग्राफिक में स्टेप्स काउंट पूरा करने के टिप्स देखिए- सवाल- अगर घर छोटा हो और चलने की जगह कम हो तो क्या करें? जवाब- जरूरत जगह की नहीं, शरीर को हमेशा एक्टिव रखने की है। इसके लिए- सवाल- 10 हजार स्टेप्स एक साथ पूरा करना जरूरी है या दिन भर में पूरा कर सकते हैं? जवाब- इन्हें पूरे दिन में छोटे-छोटे हिस्सों में पूरा किया जा सकता है। सामान्य स्पीड से चलने पर 10 मिनट में करीब 1,000 स्टेप्स पूरे हो जाते हैं। यानी घर के अंदर 10,000 स्टेप्स पूरे करने के लिए कुल मिलाकर करीब 100 मिनट की एक्टिविटी पर्याप्त है। इसे इस तरह बांटा जा सकता है- सुबह: 20 मिनट वॉक करें (करीब 2,000 स्टेप्स) पोस्ट-मील वॉक: दिन में तीन बार 10-10 मिनट टहलें (करीब 3,000 स्टेप्स) फोन पर बात करते समय या घरेलू काम करते हुए: दिनभर में करीब 30 मिनट एक्टिव रहें (करीब 3,000 स्टेप्स) शाम: 20 मिनट वॉक करें (करीब 2,000 स्टेप्स) इस तरह से डेली दस हजार स्टेप्स आसानी से पूरे हो जाएंगे। सवाल- क्या स्मार्टवॉच या मोबाइल का स्टेप-काउंट घर के अंदर भी सही रहता है? जवाब- हां, ये मोशन सेंसर और एक्सेलेरोमीटर की मदद से शरीर की हलचल को नोट करता है। सही रिकॉर्डिंग के लिए स्मार्टवॉच पहनकर चलें या मोबाइल को जेब में रखें। याद रखें, अलग-अलग डिवाइस के स्टेप्स काउंट में थोड़ा-बहुत अंतर होना सामान्य है। सवाल- क्या घर के अंदर चलने से भी उतनी ही कैलोरी बर्न होती है? जवाब- हां, अगर चलने की रफ्तार, समय और दूरी समान हो, तो घर के अंदर चलने पर भी लगभग बराबर कैलोरी बर्न होती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी देर और कितनी तेज चलते हैं, न कि आप घर के अंदर चल रहे हैं या बाहर। सवाल- रोज 10,000 स्टेप्स चलने के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? जवाब- यह फिजिकल और मेंटल हेल्थ, दोनों के लिए फायदेमंद है। सभी बेनिफिट्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- रोज 10,000 स्टेप्स चलने से हार्ट हेल्थ पर क्या असर पड़ता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स में समझिए- सवाल- रोज 10,000 स्टेप्स चलने से ब्लड शुगर और इंसुलिन रेजिस्टेंस पर क्या असर पड़ता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या खाने के बाद 10-15 मिनट चलना ज्यादा फायदेमंद होता है? जवाब- हां, इससे खाना आसानी से डाइजेस्ट होता है। खाने के बाद ब्लड शुगर स्पाइक भी कंट्रोल में रहता है। हालांकि खाना खाने के तुरंत बाद ब्रिक्स वॉक या हैवी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। इस समय नॉर्मल स्पीड से वॉक करना बेहतर रहता है। सवाल- क्या रोज 10,000 स्टेप्स चलना सभी के लिए सुरक्षित है? जवाब- नहीं, हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार चलना चाहिए। ग्राफिक में देखिए किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए- सवाल- क्या सिर्फ स्टेप्स गिनना पर्याप्त है? जवाब- नहीं, पूरी फिटनेस के लिए सिर्फ स्टेप्स काउंट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। इसके अलावा- ……………………. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ता वाटर रिटेंशन का रिस्क:चेहरे और बॉडी में सूजन, डॉक्टर से समझें इसका साइंस, कम करने के 9 टिप्स बारिश शुरू होते ही लोग चाय के साथ पकौड़े, चिप्स और नमकीन ज्यादा खाने लगते हैं। बारिश के कारण बाहर निकलना भी कम हो जाता है। इससे रोज की फिजिकल एक्टिविटी घट जाती है। खानपान और रूटीन में आए ये बदलाव शरीर में वाटर रिटेंशन बढ़ा सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…