फेक न्यूज से मुकदमों तक,बीजेपी IT सेल के मुखिया रहे अमित मालवीय का कार्यकाल

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भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों में हालिया फेरबदल के दौरान पद से हटाए गए प्रमुख लोगों में पार्टी के पूर्व आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय भी हैं. छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के अब विवादों में रहे भाजपा आईटी सेल प्रमुख का पद संभालेंगे. मालवीय करीब 11 सालों तक इस पद पर रहे. Congratulations to all the newly appointed office bearers of the BJP. Their appointments come at a crucial juncture as the party prepares to scale newer heights and take its message and organisation to every corner of the country.I wish to particularly congratulate Shri Deepak…— Amit Malviya (@amitmalviya) August 17, 2026अमित मालवीय के नेतृत्व में भाजपा के आईटी सेल का बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ, वहीं उनके कार्यकाल पर विवादों और गलत सूचना व भ्रामक जानकारी (Fake News) फैलाने के आरोप भी लगते रहे. द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस नेटवर्क में करीब 1.5 लाख सोशल मीडिया कार्यकर्ता शामिल थे, जो अकसर व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए कंटेंट प्रसारित करते थे. मालवीय के कार्यकाल में भाजपा के आईटी सेल को 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाने का श्रेय भी दिया गया. वह पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.द क्विंट की फैक्ट-चेकिंग टीम WebQoof ने अपने 9 साल के सफर में मालवीय के कई दावों का फैक्ट-चेक किया है. यहां उनके कुछ सबसे विवादित दावों पर एक नजर, जिनकी हमने पड़ताल की.करीब नौ साल पहले, मालवीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया था कि गुजरात में शुरू होने वाली Ro-Ro फेरी भारत में “अपनी तरह की पहली” फेरी थी.Gogha-Dahej state of the art Ro-Ro ferry service.. It is first of its kind in India! Watch to know more.. pic.twitter.com/9IeLmXtr66— Amit Malviya (@amitmalviya) October 22, 2017X यूजर्स ने तुरंत बताया कि वे महाराष्ट्र से अंडमान और निकोबार तक इसी तरह की फेरी का इस्तेमाल सालों से करते आ रहे हैं, वहीं एक यूजर ने 2012 की एक तस्वीर भी शेयर की थी, जिसका जिक्र हमने अपनी रिपोर्ट में किया था.हमने किताबों और ऐतिहासिक अभिलेखों की पड़ताल की और इतिहासकारों से भी बात की. नेहरू ने ऐसा कोई बयान दिया था, इसका कोई सबूत नहीं मिला.बाद में नवंबर 2017 में मालवीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक एडिटेड वीडियो भी शेयर किया, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने ऐसी मशीन लगाने की बात कही थी, जो आलू से सोना बनाएगी. कांग्रेस पर निशाने का एक दशक, दावों में कितनी सच्चाई ? आईटी सेल प्रमुख बनने के बाद मालवीय ने सबसे पहले एक मनगढ़ंत बयान शेयर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि नेहरू ने कहा था कि ''उनका हिंदू होना एक एक्सीडेंट है."हमने दावे की पड़ताल के लिए ऐतिहासिक किताबें और रिकॉर्ड्स चेक किए, साथ ही इतिहासकारों से भी बात की. नेहरू के ऐसे किसी भी बयान का कोई सबूत नहीं मिला.बाद में नवंबर 2017 में मालवीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक एडिटेड वीडियो भी शेयर किया, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने ऐसी मशीन लगाने की बात कही थी, जो आलू से सोना बनाएगी.People are sending this to me and asking in disbelief if he actually said this.. Of course he did! pic.twitter.com/rgdTf26ARv— Amit Malviya (@amitmalviya) November 15, 2017हालांकि, टीम वेबकूफ ने पाया कि गांधी ने यह बयान तो दिया था, लेकिन वह प्रधानमंत्री मोदी की ओर से किसानों को दिए गए आश्वासन का जिक्र कर रहे थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी ने गुजरात के आलू किसानों से कहा था कि वह उन्हें ऐसी मशीनें देंगे, जो आलू को सोने में बदल देंगी.गुजरात के पाटन में राहुल गांधी के सार्वजनिक संबोधन के वीडियो में ये हिस्सा 17:50 से 18:15 मिनट के बीच सुना जा सकता है.मालवीय ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी कई बार निशाना बनाया. उन्होंने नेहरू की तस्वीरें गलत दावों और भ्रामक संदर्भों के साथ शेयर की हैं. ऐसी ही एक रिपोर्ट यहां देखी जा सकती है.द क्विंट की रिपोर्ट2019 में मालवीय ने एक बार फिर कांग्रेस को निशाना बनाते हुए दावा किया कि पार्टी ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को निर्देश दिया था कि वह केरल के वायनाड में कांग्रेस की रैली के दौरान अपना झंडा न फहराए.“Don’t use Muslim League flags in Rahul’s rallies in Wayanad” Congress presses panic button, advises to avoid party flags of longest ally #MuslimLeague, fears that it can have negative impact in other states... https://t.co/gSQhaPvwVT— Amit Malviya (@amitmalviya) April 4, 2019IUML के तत्कालीन सचिव टीएम सलीम ने इन खबरों को फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया था. उन्होंने द क्विंट से कहा, “ये सभी खबरें झूठी हैं, कांग्रेस की ओर से ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई थी. दरअसल, अगर आप यहां के किसी स्थानीय न्यूज चैनल को देखें, तो आपको वायनाड में कांग्रेस के झंडों से ज्यादा IUML के झंडे नजर आएंगे.”2020 में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की चीन यात्रा की एक तस्वीर शेयर करते हुए पूर्व आईटी सेल प्रमुख ने दावा किया कि पूरा परिवार 2008 में चीन गया था, जबकि उस समय परिवार का कोई भी सदस्य सार्वजनिक पद पर नहीं था. उन्होंने सवाल उठाया कि “डोकलाम से लेकर लद्दाख तक परिवार का हित” राष्ट्रीय हित से ऊपर क्यों था.Sonia Gandhi and her entire family’s China visit in 2008 is significant. Back then, she or any of her children weren’t holding any public office, then on what basis did they accept Chinese hospitality?Why is the family’s interest, from Doklam to Ladakh, above national interest? pic.twitter.com/kMGOYcnEis— Amit Malviya (@amitmalviya) June 18, 2020हमने पाया कि यह दावा भी गलत था. तस्वीर 2018 में नई दिल्ली में ली गई थी, जिसमें राहुल और प्रियंका डायोयुताई फूड फेस्टिवल में शामिल होने गए थे. कोविड-19 के दौरान मालवीय ने दो तस्वीरें शेयर करते हुए दावा किया कि ये “कांग्रेस की टूलकिट” थीं, जिन्हें सरकार के महामारी से निपटने के प्रयासों को विफल करने के लिए शेयर किया जा रहा था.X ने इस पोस्ट को ‘manipulated media’ के तौर पर टैग किया था. किसी भारतीय राजनीतिक शख्सियत की पोस्ट पर इस तरह का टैग लगाए जाने का यह पहला मामला था. इसके बाद कथित तौर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कथित तौर पर प्लेटफॉर्म से यह टैग हटाने को कहा था.2023 में मालवीय ने राहुल गांधी का एक एडिटेड वीडियो शेयर करते हुए भ्रामक दावा किया कि उन्होंने भारत की आबादी को संख्या के बजाय रुपये में बताया था. हालांकि, हकीकत यह थी कि गांधी ने शुरुआत में भारत की आबादी का जिक्र करते हुए रुपये का इस्तेमाल किया था, लेकिन तुरंत अपनी गलती सुधारते हुए कहा, “140 करोड़ लोग.”अगले साल उन्होंने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें सोनिया गांधी को 2007 की विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के साथ दिखाया गया था. इसके साथ दावा किया गया कि उन्होंने अपने ‘विशेषाधिकार’ की वजह से टीम से मुलाकात की थी, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने टीम से मुलाकात ही नहीं की थी.एक बार फिर यह दावा गलत पाया गया. 2025 में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मालवीय को गलत सूचना फैलाने के लिए आड़े हाथों लिया. राहुल गांधी की एक तस्वीर को गलत दावे के साथ शेयर करने पर उन्होंने मालवीय को “फेक न्यूज पेडलर” तक कह दिया. (abplive.com)Hey fake news peddler, You have now decided to spread falsehoods about the judiciary?He’s a lawyer and not the Judge. You deserve to be reprimanded for this fake news I understand your frustration. Despite all your conspiracies Rahul Gandhi stands tall! pic.twitter.com/shml772FAi— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) July 15, 2025RSS समर्थक दावे और सांप्रदायिकता से लबरेज भ्रामक सूचनाएंमई 2024 में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर विभिन्न देशों की तुलना पर एक रिपोर्ट जारी की थी. मालवीय ने इस रिपोर्ट के कुछ निष्कर्ष शेयर करते हुए दावा किया कि भारत में हिंदुओं की आबादी का प्रतिशत करीब 8 फीसदी घटा है, जबकि मुसलमानों की आबादी का प्रतिशत लगभग 43 फीसदी बढ़ा है.Share of Hindus shrunk 7.8% between 1950 and 2015. Muslim population grew at 43%.This is what decades of Congress rule did to us. Left to them, there would be no country for Hindus. pic.twitter.com/xNUramJyNE— Amit Malviya (@amitmalviya) May 9, 2024हालांकि, टीम वेबकूफ ने रिपोर्ट का विश्लेषण किया और पाया कि इन आंकड़ों को गलत तरीके से पेश किया गया था. इसी सांप्रदायिक नैरेटिव को आगे बढ़ाते हुए, मालवीय ने पश्चिम बंगाल की कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें हिंदू देवी-देवताओं की टूटी और क्षतिग्रस्त मूर्तियां नजर आ रही थीं. उन्होंने दावा किया कि यह हमला “हिंदू विरोधी नफरत की बढ़ती लहर” का हिस्सा था.ANOTHER BRUTAL ASSAULT ON SANATAN DHARMA IN MAMATA’S JUNGLE RAJ!Around 50–60 Kali and Saraswati idols, painstakingly crafted by potter Jayanta Das, were viciously vandalised outside his workshop, in front of Loknath Temple near Matal Garh, Shantipur.The miscreants struck in… pic.twitter.com/wsGgMajq2h— Amit Malviya (@amitmalviya) January 7, 2026हालांकि, पश्चिम बंगाल पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस घटना का कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था. पुलिस के मुताबिक, दो नशे में धुत लोगों ने विवाद के बाद एक कुम्हार की दुकान में तोड़फोड़ की थी.2025 में मालवीय ने कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए दावा किया कि नीदरलैंड सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष डाक टिकट जारी किए हैं.The Netherlands has released a commemorative stamp to mark 100 years of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS). A significant gesture of international recognition for one of India’s most influential social organisations. pic.twitter.com/jnRnGePY3f— Amit Malviya (@amitmalviya) October 10, 2025हमने पाया कि इन टिकटों को कोई भी अपनी पसंद के डिजाइन के साथ बना सकता है और इन्हें नीदरलैंड सरकार ने जारी नहीं किया था. लिहाजा यह दावा गलत था.राजनीतिक विरोधियों और आंदोलनों को लेकर दावेकम से कम दो अलग-अलग मौकों पर मालवीय ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाना बनाया.उन्होंने ममता बनर्जी का एक एडिटेड वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि उन्होंने कहा था कि अगर किसी मंदिर को तोड़ा जाता है तो भाजपा “ड्रामा करती है”. हालांकि, वीडियो के लंबे वर्जन से स्पष्ट हुआ कि बनर्जी ने काशी विश्वनाथ मंदिर के निर्माण के दौरान मंदिरों को तोड़े जाने को लेकर भाजपा की आलोचना की थी.एक अन्य मामले में उन्होंने कोलकाता के एक फिल्म फेस्टिवल में गायक अरिजीत सिंह का वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि बनर्जी ने उनसे अपने पसंदीदा गानों में से एक गाने को कहा था. उन्होंने दावा किया कि अरिजीत ने खास तौर पर ‘गेरुआ’ गाना इसलिए चुना, ताकि यह संकेत दिया जा सके कि राज्य का भविष्य भगवा होने वाला है.At the Kolkata Film Festival, Mamata Banerjee asked Arijit Singh to sing one of his favourites and he chose रंग दे तू मोहे गेरुआ…It was an evening of realisations. From Mr Bachchan to Arijit, who reminded Mamata Banerjee, in her backyard, that the future of Bengal is saffron… pic.twitter.com/57n2RztC8B— Amit Malviya (@amitmalviya) December 16, 2022दावे में इस्तेमाल किया गया वीडियो एडिटेड था. पूरे वीडियो में सिंह मंच पर मौजूद किसी व्यक्ति के अनुरोध पर बंगाली गाना ‘बोझेना সে বোঝেনা’ गाते हैं. इसके बाद वह कार्यक्रम में मौजूद बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के सम्मान में ‘गेरुआ’ गाते हैं.2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान जब मतदान जारी था, तब मालवीय ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार बायरन बिस्वास का एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि उन्होंने अपनी हार स्वीकार कर ली है और दूसरे उम्मीदवारों के नाम भी बताए हैं, जिनकी हार तय है.यह दावा भी गलत था. बिस्वास दरअसल जंगीपुर में EVM स्ट्रॉन्गरूम की CCTV व्यवस्था में खराबी के बाद कथित धांधली को लेकर उन उम्मीदवारों और विधानसभा क्षेत्रों के नाम गिना रहे थे, जहां उन्होंने गड़बड़ी का आरोप लगाया था.2020-2021 के किसान आंदोलन के दौरान मालवीय ने एक एडिटेड वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि इसमें आंदोलन के दौरान किया जा रहा “प्रोपेगेंडा” दिखाया गया है. इसके बाद X ने इस पोस्ट को ‘manipulated media’ के तौर पर चिह्नित कर दिया.हाल ही में, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान भी उन्होंने गलत सूचना शेयर की.लद्दाखी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से जबरन अस्पताल ले जाए जाने के बाद मालवीय ने एक पुरानी मेडिकल रिपोर्ट शेयर की. इसके साथ उन्होंने दावा किया कि वांगचुक की हिरासत और मेडिकल जांच उनकी सहमति से की गई थीहालांकि, मालवीय ने जो रिपोर्ट शेयर की थी, वह पुरानी थी और वांगचुक की हिरासत के बाद तैयार की गई मेडिकल रिपोर्ट नहीं थी.जनवरी 2022 में द वायर ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मालवीय और भाजपा आईटी सेल सोशल मीडिया नैरेटिव को प्रभावित करने, ट्रेंड्स को ऑटोमेट करने और अकाउंट्स को हाईजैक करने के लिए “Tek Fog” नाम के एक ऐप का इस्तेमाल करते थे.रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यह ऐप मालवीय को अपनी पसंद की किसी भी ट्विटर पोस्ट को हटाने की सुविधा देता था. हालांकि, सबूतों और रिपोर्ट की कार्यप्रणाली को लेकर गहन जांच के बाद द वायर ने उसी साल इस सीरीज को वापस ले लिया और संपादकीय चूक की बात स्वीकार की. मालवीय ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और प्रकाशन के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई.अगले साल कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के कम्युनिकेशन और सोशल मीडिया विभाग के सह-अध्यक्ष रमेश बाबू ने राहुल गांधी का “गलत” वीडियो शेयर करने के आरोप में मालवीय के खिलाफ कर्नाटक में FIR दर्ज कराई.मई 2025 में इंडियन यूथ कांग्रेस ने राहुल गांधी के “संवैधानिक पद” को बदनाम करने के आरोप में मालवीय और न्यूज चैनल Republic के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज कराई. Time's up for Amit Malviya and Arnab Goswami An FIR has been filed in Karnataka under non-bailable sections against @amitmalviya and @republic Editor-in-Chief Arnab Goswami for defaming the constitutional office of Leader of Opposition Shri @RahulGandhi.Their relentless… pic.twitter.com/mVpja8JR6v— Indian Youth Congress (@IYC) May 20, 2025(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)