शिक्षा सत्र शुरू हुए दो माह बीतने को आए हैं, लेकिन आज भी प्रदेश के विद्यार्थियों को मूलभूत और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्रदेश में शिक्षकों के 40 प्रतिशत पद आज भी खाली हैं।