जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के दौरान एक आंख की रोशनी गंवाने वाले साहिल लोहचब मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। फिलहाल उनका परिवार कई सालों से दिल्ली के नजफगढ़ में रह रहा है। साहिल तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता दीपक ड्राइवर हैं। साहिल दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र हैं। पढ़ाई के साथ वह SSC-CGL और पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। उनका सपना पुलिस में भर्ती होने का है। साहिल का आरोप है कि पैलेट गन के छर्रे लगने से उसकी एक आंख की रोशनी चली गई। शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी साहिल के साथ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में 6 घंटे धरने पर बैठे। इसके बाद पुलिस ने साहिल की शिकायत पर अज्ञात पर मामला दर्ज किया। 20 जुलाई को प्रदर्शन में शामिल हुए थे साहिल 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान साहिल भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। साहिल का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिसके छर्रे उनके चेहरे, गर्दन, छाती और आंख में लगे। उनकी दाईं आंख में गंभीर चोट आई है और रोशनी चली गई। AIIMS की रिपोर्ट में 200 से ज्यादा पैलेट्स का जिक्र AIIMS में हुई जांच की रिपोर्ट के मुताबिक, साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा पैलेट्स के निशान मिले हैं। सबसे गंभीर चोट उनकी दाईं आंख में है। तीन छर्रे कॉर्निया को चीरते हुए आंख के अंदर धंस गए। साहिल की आंख की करीब 99 प्रतिशत रोशनी चली गई है और इसके वापस आने की संभावना बेहद कम बताई गई है। दो धाराओं में दर्ज हुई FIR दिल्ली के संसद मार्ग थाने में साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज की है। इस FIR के मुताबिक अज्ञात आरोपियों पर BNS की धारा 118 और 125 के तहत आरोप लगाए गए हैं। धारा 118 जानबूझकर खतरनाक हथियारों या खतरनाक साधनों से किसी को चोट पहुंचाने पर लगती है। वहीं, धारा 125 किसी भी ऐसे लापरवाही या उतावलेपन भरे काम पर लागू होती है, जिससे दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ जाए। कुमारी सैलजा बोलीं- FIR के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी साहिल को न्याय दिलाने के लिए शुक्रवार सुबह 11:30 बजे संसद मार्ग स्थित DCP कार्यालय पहुंचे और वहीं डटे रहे। शाम करीब 6:45 बजे FIR दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि साहिल के शरीर और आंख में अब भी छर्रे हैं। दिल के पास भी छर्रे लगे हैं और एक आंख से दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बावजूद FIR दर्ज कराने के लिए इतना लंबा संघर्ष करना पड़ा।