2012 में जबलपुर आईं तीजन बाई ने सुनाई थी संघर्ष की कहानी, बोली थीं- 11 रुपये के लिए गाते थे रातभर गाना

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रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने उन्हें अपने दीक्षा समारोह में मानद डी.लिट्. (डाॅक्टर आफ लिटरेचर) उपाधि से सम्मानित किया था। यह सम्मान भारतीय लोककला और पंडवानी गायन के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया था। विश्वविद्यालय परिसर में उनके आगमन को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों में विशेष उत्साह देखा गया था।