फिजिकल हेल्थ- आंखों से मिलता हार्ट डिजीज का संकेत:इन लक्षणों को इग्नोर न करें, डॉक्टर से जानें हार्ट को हेल्दी रखने के टिप्स

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क्या हमारी आंखों को देखकर हार्ट डिजीज का पता लगाया जा सकता है? सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन कई मामलों में ऐसा संभव है। दरअसल, रेटिना में मौजूद बारीक ब्लड वेसल्स शरीर के पूरे वस्कुलर सिस्टम की स्थिति को दर्शाती हैं। इससे हार्ट कंडीशन का भी पता लगाया जा सकता है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक रिसर्च के मुताबिक, रूटीन आई चेकअप के दौरान रेटिना में दिखने वाले बदलाव हाई बीपी और कार्डियो वस्कुलर डिजीज के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इसलिए आज 'फिजिकल हेल्थ' में समझेंगे कि आंखें हार्ट हेल्थ के बारे में क्या बताती हैं। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. सर्वेश प्रजापति, कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम डॉ. दिग्विजय सिंह, कंसल्टेंट, ऑप्थेल्मोलॉजी, धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, दिल्लीसवाल- आंखों का दिल यानी हार्ट से क्या कनेक्शन है? जवाब- आंखों और हार्ट का कनेक्शन ब्लड वेसल्स के जरिए होता है। इसे पॉइंटर्स से समझते हैं- इसलिए रुटीन आई चेकअप के दौरान हार्ट से जुड़ी कई समस्याएं पकड़ में आ जाती हैं। जैसे- सवाल- आंखों की कंडीशन से हार्ट डिजीज का पता कैसे चलता है? जवाब- आंखें शरीर का एकमात्र ऐसा हिस्सा हैं, जहां डॉक्टर बिना सर्जरी के ब्लड वेसल्स और नसों को सीधे देख सकते हैं। इसीलिए आई चेकअप को बहुत अहम माना जाता है। इसलिए कई बार आंखों की जांच से यह संकेत मिल जाता है कि हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ रहा है। सवाल- हार्ट प्रॉब्लम होने पर आंखों में क्या संकेत दिखते हैं? जवाब- हार्ट आर्टरीज में होने वाले बदलाव का असर आंखों की ब्लड वेसल्स पर भी दिखाई देता है। ग्राफिक में सभी संकेत देखिए- सवाल- आंखों की कौन-सी जांच से हार्ट से जुड़े संकेत मिल सकते हैं? जवाब- आंखों की कुछ विशेष जांचों में रेटिना और उसकी रक्त वाहिकाओं को विस्तार से देखा जाता है। इनमें प्रमुख हैं- सवाल- रूटीन आई चेकअप से हार्ट डैमेज के रिस्क को कैसे कम किया जा सकता है? जवाब- रूटीन आई चेकअप हार्ट हेल्थ का शुरुआती अलार्म हो सकता है। आंखों के रेटिना में मौजूद ब्लड वेसल्स को देखकर डॉक्टर शरीर की वस्कुलर हेल्थ का अंदाजा लगा लेते हैं। रेटिना में ये संकेत दिख सकते हैं- ये हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या हार्ट डिजीज के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ये शुरुआती पहचान ही सबसे अहम होती है। इससे समय रहते- सवाल- किस उम्र के बाद रेगुलर आई चेकअप करवाना जरूरी है? जवाब- आमतौर पर 40 की उम्र के बाद हर व्यक्ति को साल में कम-से-कम एक बार आंखों की जांच जरूर करवानी चाहिए क्योंकि– सवाल- किन लोगों को हार्ट डिजीज का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- जिन्हें ब्लड वेसल्स से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती हैं, उनमें हार्ट डिजीज का रिस्क ज्यादा होता है। डिटेल नीचे ग्राफिक में देखिए- सवाल- रेटिना में बदलाव दिखने का मतलब क्या हमेशा हार्ट डिजीज होता है? जवाब- नहीं। रेटिना में बदलाव कई दूसरी बीमारियों की वजह से भी हो सकता है, जैसेकि- इसलिए रेटिना में बदलाव दिखने पर घबराने की बजाय उसकी वजह जानना जरूरी है। सवाल- आंखों की जांच के बाद किन लोगों को कार्डियोलॉजिस्ट से जरूर मिलना चाहिए? जवाब- अगर आई चेकअप में रेटिना की रक्त वाहिकाओं में असामान्य बदलाव दिखे और साथ में इनमें से कोई भी हेल्थ कंडीशन हो तो कार्डियोलॉजिस्ट से जरूर मिलना चाहिए- सवाल- रोजमर्रा की कौन सी आदतें आंखों को हेल्दी रखने में मदद करती हैं? जवाब- कुछ आसान आदतें अपनाकर आंखों को लंबे समय तक हेल्दी रखा जा सकता है और कई समस्याओं से बचा जा सकता है। ग्राफिक में आंखों को हेल्दी रखने के टिप्स देखिए- सवाल- क्या आजकल AI भी आंखों की फोटो देखकर हार्ट डिजीज का खतरा बता सकता है? जवाब- हाल के वर्षों में कई रिसर्च में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम विकसित किए गए हैं, जो रेटिना की तस्वीरों का विश्लेषण करके हार्ट डिजीज के जोखिम का अनुमान लगा सकते हैं। हालांकि यह तकनीक अभी मुख्य रूप से रिसर्च और कुछ विशेष मेडिकल सेंटरों तक सीमित है। इसे सामान्य क्लीनिकल जांच का विकल्प नहीं माना जाता। सवाल- आंखों की किन समस्याओं का हार्ट डिजीज से कोई संबंध नहीं होता? जवाब- आंख की हर समस्या हार्ट से जुड़ी नहीं होती। उदाहरण के लिए- सवाल- हार्ट को हेल्दी कैसे रखें? जवाब- हार्ट दिन-रात बिना रुके काम करता है। इसलिए उसकी सेहत रोजमर्रा की आदतों पर काफी हद तक निर्भर करती है। लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव हार्ट डिजीज के खतरे को कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए- सवाल- आइज और हार्ट को हेल्दी रखने के लिए हमारी डाइट कैसी होनी चाहिए? जवाब- दोनों ऑर्गन्स के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बैलेंस्ड और हेल्दी डाइट जरूरी है। ग्राफिक में देखिए कि क्या खाएं और क्या न खाएं- सवाल- कौन से संकेत खतरे की चेतावनी हैं? जवाब- कुछ लक्षण गंभीर हेल्थ कंडीशन के संकेत हो सकते हैं। इनके दिखने पर डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें। ग्राफिक में सभी वॉर्निंग साइन देखिए- नियमित आई चेकअप, हेल्दी लाइफस्टाइल और संतुलित आहार से आंखें और हार्ट, दोनों स्वस्थ रहते हैं। …………………….. फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- हर एलर्जी मामूली नहीं: जान भी जा सकती है, डॉक्टर से जानें क्या है एनाफिलैक्सिस, एलर्जी है तो ये इंजेक्शन साथ रखें ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ के मुताबिक, दुनिया में लगभग 20-30% लोगों को कभी-न-कभी एलर्जी की समस्या होती है। इसमें आमतौर पर छींक, खुजली या आंखों से पानी आने जैसे लक्षण दिखते हैं। लेकिन कुछ लोगों में यही एलर्जी अचानक ‘एनाफिलैक्सिस’ का कारण बन सकती है। पूरी खबर पढ़ें…