पिछले कुछ दिनों में उज्जैन के 'वीर भारत न्यास' भूमि आवंटन मामले को लेकर जीतू पटवारी के आरोपों का दिग्विजय सिंह द्वारा सार्वजनिक तौर पर खंडन किए जाने से पार्टी की भारी किरकिरी हुई थी। भाजपा ने इसे कांग्रेस की आपसी कलह के रूप में पेश किया था।