दिल्ली में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शुरू:सीएम ने किया उदघाटन, प्रदूषण पर रियल टाइम नजर, 707 साइट कैमरों से निगरानी

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दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर अब रियल टाइम नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का उद्घाटन किया। सेंटर से प्रदूषण के स्रोतों के साथ मैकेनिकल रोड स्वीपर्स और शहरभर में चल रही प्रवर्तन गतिविधियों की निगरानी होगी। फिलहाल 707 साइट निगरानी में हैं। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि 500 वर्गमीटर से बड़े निर्माण स्थलों की निगरानी इस सिस्टम से की जाएगी। खुले में कचरा जलाने की घटनाओं का पता लगाने के लिए कैमरों का इस्तेमाल होगा। सेंटर सभी एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों से डेटा लेगा और उसके विश्लेषण के आधार पर पानी के छिड़काव व सड़कों की सफाई जैसे उपाय तय किए जाएंगे। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को बॉडी कैमरे भी दिए जाएंगे। इससे निरीक्षण की प्रक्रिया और मौके पर उनकी मौजूदगी की निगरानी हो सकेगी। सेंटर तीन शिफ्ट में 24 घंटे काम करेगा। इसमें एआई कैमरों और जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ पर एएनपीआर से नजर दिल्ली में 1 अक्टूबर से वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना वाहनों को ईंधन नहीं देने की व्यवस्था लागू की गई है। करीब 500 पेट्रोल पंपों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरों से वाहनों की पहचान की जा रही है। पीयूसी नियम के उल्लंघन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 10 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम के जरिए ट्रैफिक के अनुसार सिग्नल टाइमिंग में बदलाव करने की भी योजना है, ताकि जाम और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम किया जा सके। 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस-6 पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर भी रोक का प्रावधान है। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट दी गई है। सितंबर का औसत AQI पांच साल में सबसे कम दिल्ली में सितंबर 2026 का औसत AQI 102 रहा, जो 2022 से 2026 के बीच सितंबर का सबसे कम औसत है। सितंबर 2025 और 2024 में यह 105, 2023 में 108 और 2022 में 104 था। जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान दिल्ली में 194 दिन AQI 200 से कम रहा, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा है। इसी अवधि में खराब से गंभीर से अधिक श्रेणी वाले दिनों की संख्या 79 रही, जो पांच वर्षों में सबसे कम है। 28 सितंबर तक औसत पीएम2.5 स्तर 69 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो 2025 के बराबर और 2022 के बाद सबसे कम स्तर में शामिल है। सरकार ने सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए निर्माण गतिविधियों पर चरणबद्ध रोक, पार्किंग शुल्क बढ़ाने और कार्यालयों के समय में बदलाव जैसे उपाय भी घोषित किए हैं।