जरूरत की खबर- 79000 किलोमीटर पैदल चले थे बापू:डॉक्टर से समझिए, पैदल चलना क्यों है बेस्ट एक्सरसाइज, रोज वॉकिंग की आदत कैसे डालें

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5 फीट 5 इंच का दुबला-पतला आदमी। सिर पर न के बराबर बाल, आंखों पर गोल चश्मा, तन पर साधारण धोती। न पास में हथियार, न सेना। फिर भी उसने दुनिया की सबसे ताकतवर साम्राज्यवादी ताकतों में से एक ब्रिटिश राज को झुकने पर मजबूर कर दिया। यह शख्स मोहनदास करमचंद गांधी थे, जिन्हें दुनिया महात्मा गांधी के नाम से जानती है। इस साल महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई जा रही है। गांधी जी की बात होते ही अहिंसा, सत्याग्रह और स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा होती है। लेकिन उनके जीवन का एक ऐसा पहलू भी है, जिस पर कम बात होती है। वह है– गांधीजी की लाइफस्टाइल। वो शुद्ध, सादा खाते थे, रात में जल्दी सोते और सुबह जल्दी उठते थे, सरल जीवन जीते थे और खूब–खूब पैदल चलते थे। पिछले साल इस स्टोरी में हमने गांधीजी के भोजन के बारे में विस्तार से बात की थी। चलिए इस बार, उनकी उस आदत के बारे में बात करते हैं, जिसके चलते 70 की उम्र में भी उनकी हड्डियों में किसी युवा जितना बल था। गांधी जी मानते थे कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए नियमित पैदल चलना जरूरी है। एक बार उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले को नियमित सैर न करने पर टोका था। गांधी जी ने उनसे कहा, “आप टहलने भी नहीं जाते। फिर हमेशा बीमार रहने पर हैरानी कैसी?” गोखले ने व्यस्तता का हवाला दिया, लेकिन गांधी जी इस तर्क से सहमत नहीं थे। इसकी वजह यह थी कि वे खुद चाहे कितने भी व्यस्त क्यों न हों, अपनी वॉक कभी नहीं छोड़ते थे। कहा जाता है कि गांधी जी रोज औसतन 18 किलोमीटर पैदल चलते थे। ये सिलसिला 40 साल तक बदस्तूर चलता रहा। 1914 से 1948 के बीच उन्होंने लगभग 79 हजार किलोमीटर की दूरी पैदल तय की। यह पृथ्वी के लगभग दो चक्कर लगाने के बराबर है। 60 साल की उम्र पार करने के बाद भी उन्होंने साबरमती आश्रम से दांडी तक 386 किलोमीटर की ऐतिहासिक यात्रा की थी, जिसने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी थी। गांधी जी के लिए पैदल चलना लाइफस्टाइल का हिस्सा था। दिलचस्प बात यह है कि आज विज्ञान भी उनके इस विश्वास का समर्थन करता है। पैदल चलने के फायदों पर दुनिया भर में हजारों रिसर्च हो चुकी हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में पैदल चलने के जादुई फायदों पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. अक्षय चुघ, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, मेट्रो हॉस्पिटल्स एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा सवाल- क्या रोज पैदल चलना वास्तव में उपयोगी एक्सरसाइज है? जवाब- हां, पैदल चलना सबसे आसान और असरदार एक्सरसाइज है। इसके लिए किसी खास उपकरण की भी जरूरत नहीं होती। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, अच्छी हेल्थ के लिए रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है। तेज गति से चलना इसका बेहतर विकल्प है। सवाल- पैदल चलने के फायदों पर हुई साइंस रिसर्च और स्टडीज क्या कहती हैं? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- रोज सिर्फ 30 मिनट पैदल चलने से क्या हेल्थ बेनिफिट्स होते हैं? जवाब- इसका शरीर और ब्रेन, दोनों पर पॉजिटिव असर पड़ता है। हालांकि, 30 मिनट एक साथ चलना जरूरी नहीं है। इसे 10-10 मिनट के तीन हिस्सों में भी पूरा किया जा सकता है। ग्राफिक में सभी हेल्थ बेनिफिट्स देखिए- सवाल- पैदल चलना शुरू करते ही शरीर में सबसे पहले क्या बदलाव होते हैं? जवाब- जैसे ही हम चलना शुरू करते हैं, शरीर एक्टिव होने लगता है। कुछ ही मिनटों में ब्रेन, हार्ट, लंग्स, मसल्स और कार्डियोवस्कुलर सिस्टम एक-दूसरे के साथ तालमेल बढ़ा लेते हैं, जिससे शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन और ऊर्जा मिलने लगती है। सारे बदलाव नीचे ग्राफिक में देखिए- सवाल- रोज पैदल चलना हार्ट के लिए कितना फायदेमंद है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पैदल चलना ब्रेन के लिए कैसे फायदेमंद है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- रोज पैदल चलने से किन बीमारियों का रिस्क कम होता है? जवाब- इससे हार्ट, ब्रेन, हड्डियों और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी कई बीमारियों का रिस्क कम होता है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या सिर्फ पैदल चलकर वजन कम किया जा सकता है? जवाब- पैदल चलने से वजन कम करने में मदद मिलती है, क्योंकि इससे कैलोरी बर्न होती है। हालांकि, सिर्फ वॉकिंग के भरोसे वजन नहीं घटता। वजन कम होना इस बात पर निर्भर करता है कि आप जितनी कैलोरी खा रहे हैं, उससे ज्यादा खर्च कर पा रहे हैं या नहीं। साथ ही वजन कम करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना भी जरूरी है। सवाल- घास, मिट्टी या रेत पर चलने से शरीर पर क्या अलग असर पड़ता है? जवाब- हां, इन सतहों पर शरीर को संतुलन बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे पैरों और टखनों की छोटी-छोटी मसल्स ज्यादा एक्टिव होती हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- रोज पैदल चलने की आदत कैसे डालें? जवाब- आदत बनाने को लेकर बिहेवियर साइंस में एक मशहूर विचार है कि ‘किसी काम की शुरूआत सबसे कठिन होती है।’ यही वजह है कि कई लोग वॉकिंग के फायदे जानते हुए भी नियमित रूप से टहलना शुरू नहीं कर पाते। इस चुनौती से निपटने के लिए कुछ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं- "अगर वॉक पर जाने का मन नहीं है, तो बस जूते पहन लीजिए।" विचार यह है कि जब आप जूते पहन लेते हैं, तो पहला कदम उठ चुका होता है और बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है। ग्राफिक में पैदल चलने की आदत डालने के आसान टिप्स देखिए- सवाल- क्या पैदल चलने की आदत हमारी पूरी दिनचर्या को भी ज्यादा एक्टिव बना सकती है? जवाब- हां, वॉकिंग की आदत से पूरे दिन की फिजिकल एक्टिविटी बढ़ जाती है। ऐसे में लोग- ………………….. ग्राफिक- अजीत सिंह ……………………….. ये खबर भी पढ़ें…जरूरत की खबर- मुफ्त की धूप के 7 हेल्थ बेनिफिट्स:उम्र बढ़ेगी, बुढ़ापा देर से आएगा, डॉक्टर से समझें मॉर्निंग सनलाइट के 7 रूल्स अगर मैं आपसे पूछूं कि लंबी उम्र का सबसे बड़ा राज क्या है तो शायद आपका जवाब होगा- अच्छा खाना, रोज एक्सरसाइज करना और भरपूर नींद लेना। लेकिन स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के न्यूरोसाइंटिस्ट एंड्रयू ह्यूबरमैन कहते हैं कि इस लिस्ट में एक चीज और जोड़े दें– सुबह की धूप। पूरी खबर पढ़ें…