अष्टमी तिथि तीन अक्टूबर को पूरे दिन रहने के कारण इसी दिन महालक्ष्मी व्रत और हाथी पूजन किया जाएगा। अष्टमी तिथि दो दिन पड़ने के कारण व्रत की तारीख को लेकर श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।