खदान के भीतर ऑक्सीजन की कमी और पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी थी। घटना के बाद खदान में काम कर रहे मजदूरों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने परिसर में एकत्र होकर नारेबाजी की ।