अमृत मिशन योजना 2.0 के तहत सीवेज नेटवर्क बिछाने के लिए की गई खुदाई के दौरान मध्यप्रदेश बिजली कंपनी की 132 केवी भूमिगत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें 62 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है।