भारतीय थाली में बढ़ रहा Protein का महत्व, अब मटर से बनेगा Protein Isolate

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भारत में खाने-पीने की पसंद तेजी से बदल रही है. स्वाद के साथ अब पोषण खासकर प्रोटीन को लेकर भी लोगों की जरूरत और बाजार दोनों बढ़ रहे हैं. भारत की बड़ी शाकाहारी आबादी को देखते हुए पर्याप्त प्रोटीन उपलब्ध कराना फूड सेक्टर के सामने अहम मुद्दा बन रहा है. इसी दिशा में सरकार अब मटर से प्रोटीन एक्सट्रैक्ट और प्रोटीन आइसोलेट तैयार करने पर भी काम कर रही है. यह कहना है खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव देवेश देवल (IAS) का, जिन्होंने अनुगा सेलेक्ट इंडिया 2026 और अनुगा फूडटेक इंडिया 2026 में यह जानकारी दी. मटर से बनेगा Protein Extract और Isolateदेवेश देवल ने बताया कि भारत की बड़ी शाकाहारी आबादी को देखते हुए देश में प्रोटीन की जरूरत पूरी करना बेहद अहम है. इसे ध्यान में रखते हुए निफ्टम (NIFTEM) कुंडली में कनाडा के सहयोग से मटर प्रोटीन उत्कृष्टता केंद्र बनाया जा रहा है. इस सेंटर का मकसद मटर से प्रोटीन एक्सट्रैक्ट और प्रोटीन आइसोलेट बनाना है. इसका मतलब है कि मटर जैसे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन को अलग करके ऐसे रूप में विकसित करने पर काम होगा, जिसका इस्तेमाल फूड सेक्टर में किया जा सके. ₹600 अरब डॉलर का है भारत का फूड मार्केटदेवेश देवल के मुताबिक, भारत का फूड मार्केट करीब 550–600 अरब डॉलर का है. यह आर्थिक विकास और शहरीकरण के कारण 6–7 पर्सेंट की CAGR से बढ़ रहा है. फूड प्रोसेसिंग को सरकार रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानती है. इसका कारण यह है कि इससे किसानों के लिए ज्यादा मूल्य तैयार होता है, निवेश आकर्षित होता है और विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होते हैं.किसानों को भी होगा फायदादेवेश देवल के मुताबिक, फूड प्रोसेसिंग विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है और विनिर्माण GVA में इसका योगदान करीब 8 पर्सेंट है. सरकार का ध्यान फूड सेक्टर के सभी 16 व्यापक उप-क्षेत्रों में प्रोसेसिंग का स्तर बढ़ाने और किसानों तक ज्यादा लाभ पहुंचाने पर है. भारत के कृषि निर्यात में भी इजाफाAPEDA के सीनियर एडवाइजर डॉ. तरुण बजाज के मुताबिक, भारत ने वर्ष 2025–26 में 53 अरब डॉलर के एग्रीकल्चर और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स का निर्यात किया है. भारत के कुल कृषि निर्यात में प्रसंस्कृत उत्पादों की हिस्सेदारी करीब 30 पर्सेंट तक पहुंच गई है. अगले पांच साल में इसमें बढ़ोतरी करते हुए कुल निर्यात को दोगुना करने का टारगेट है. चावल, मांस, समुद्री उत्पाद, कॉफी और चाय भारत के प्रमुख निर्यात उत्पादों में शामिल हैं.ये भी पढ़ें: पनीर में मिलावट पर चंडीगढ़ प्रशासन सख्त, नए नियम लागूफूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री बढ़ने का अनुमानकोइलनमेस्से के एमडी मिलिंद दीक्षित के मुताबिक, घरेलू खपत में बढ़ोतरी, ज्यादा वैल्यू एडिशन, आधुनिक तकनीक और ग्लोबल मार्केट से मजबूत कनेक्शन के कारण भारत का फूड प्रोसेसिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है. यह सेक्टर फाइनेंशियल ईयर 2025 में करीब 382 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और फाइनेंशियल ईयर 2034 तक यह सेक्टर करीब 689 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.ये भी पढ़ें: घर आए हैं लड़के वाले? इन डिश को करें खाने में शामिल, बन जाएगी बात