छत्तीसगढ़ में लघु और सीमांत किसानों के लिए लागू प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना प्रचार की कमी से पिछड़ गई है। प्रदेश के 33 लाख पात्र किसानों में से केवल दो लाख का ही पंजीयन हो पाया। जागरूकता के अभाव में लगभग 94 प्रतिशत किसान साठ वर्ष बाद मिलने वाली तीन हजार रुपये की मासिक पेंशन से अब भी वंचित हैं।