पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा गुट के प्रेशर में हाईकमान ने आखिरकार पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से इस्तीफा ले लिया। राजा वड़िंग ने बुधवार देर रात अपने इस्तीफे की पेशकश की। इसके बाद गुरुवार को वह दिल्ली पहुंच गए। आज (शुक्रवार, 2 अक्टूबर) सुबह 11 बजे वह राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। वहीं, पार्टी हाईकमान ने चन्नी-रंधावा गुट को साफ कह दिया है कि पार्टी गुटबाजी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने हाईकमान को पंजाब की जो रिपोर्ट सौंपी, उसमें साफ कह दिया था कि पार्टी का एक बड़ा धड़ा राजा वड़िंग को प्रधान मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में वड़िंग को हटाए बिना पार्टी में गुटबाजी खत्म करना संभव नहीं। राजा वड़िंग को हटाकर एक न्यूट्रल प्रधान चाहिए। राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद आज ही पंजाब कांग्रेस को नया प्रधान मिल सकता है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट की मानें तो नॉन कंट्रोवर्शियल फेस होने के कारण विजयइंदर सिंगला का प्रधान बनना लगभग तय है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के सामने रिपोर्ट रखी गई, जिसके बाद राजा वड़िंग को इस्तीफा देने के लिए राहुल गांधी ने खुद फोन किया। नए प्रधान के लिए न्यूट्रल नेताओं के तौर पर पार्टी में सबसे पहले विजयइंदर सिंगला के नाम पर चर्चा हुई। हालांकि, परगट सिंह, सुख सरकारिया, प्रताप सिंह बाजवा समेत कुछ अन्य नामों पर भी चर्चा हुई है। 3 पॉइंट्स में जानिए, कैसे हुआ राजा वड़िंग को बदलने का फैसला हिंदू चेहरे से भाजपा को घेरने की तैयारी पार्टी सोर्सेज के मुताबिक, विजयइंदर सिंगला के नाम पर राहुल गांधी ने भी अपनी सहमति दी है। दरअसल, राहुल गांधी देशभर में उत्तर प्रदेश और पंजाब चुनाव से पहले राम मंदिर के चंदा चोरी प्रकरण पर एक बड़ी मुहिम शुरू करने जा रहे हैं, ताकि हिंदू वोट को भाजपा से दूर किया जा सके। क्या कहते हैं एक्सपर्ट जानिए…