भोपाल मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट में जलस्रोतों और पहाड़ियों से निर्माण की तय दूरी हटाकर इको-सेंसिटिव जोन का प्रावधान किया गया है। विशेषज्ञों ने मनमानी बढ़ने की आशंका जताई।