20 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं में भी ऐसे मामले तीन से चार प्रतिशत तक सामने आ रहे हैं। कार्डियक सेंटर की ओपीडी में रोजाना आने वाले 100 मरीजों में 15 से 20 मरीज 45 वर्ष से कम उम्र के होते हैं।