एस जयशंकर ने कहा कि बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच देश अस्थिरता से बचने और अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए नए संवाद और समझौते करेंगे। इससे दुनिया में अंतरराष्ट्रीय संबंधों की एक नई व्यवस्था विकसित होगी।